इस मानसिकता वाले पुरुष सोचते है की ट्रिपल तलाक पर हाई कोर्ट का फैसला गलत है|


                 


जब से हाई कोर्ट ने ट्रिपल तलाक पर फैसला सुनाया है तब से उन मानसिकता वाले मर्दों में खलबली मच गई है जो ये सोचते है की शादी के बाद अगर उनकी वाइफ का करैक्टर ख़राब निकला तो ऐसे में वो क्या करेंगे. ये सच भी है क्योंकि आज कल ऐसा होता भी है. अपने पार्टनर को धोखा देकर या उनसे छुपा कर मल्टीप्ल रिलेशन रखना ये सारी चीज़े आज कल देखने को मिलती है. मल्टीप्ल रिलेशन से आज चाहे पुरुष हो या महिला कोई भी बचा नहीं है. इसको एक्सेप्ट करिए क्योंकि दुनिया का ये भी एक कटु सत्य है जिसे हम नकार नहीं सकते है. लेकिन दुनिया का एक सच ये भी है की आज भी समाज में ऐसे लोग है जिन्हें मल्टीप्ल रिलेशनशिप से नफरत है. तो इसके हिसाब से हम सब लोगो को गलत नहीं कह सकते किसी के भी करैक्टर पर सवाल नहीं उठा सकते है.

हाँ तो जो लोग ये सोचते है की उनकी पत्नी का करैक्टर सही नहीं है और उन्हें उनके साथ नहीं रहना है और उन्हें सुप्रीम कोर्ट का फैसला गलत लगता है तो वो ये जान ले की वो खुद गलत है. गलत है उनकी सोच. अगर उनके सामने ऐसा केस आता है जहा उन्हें ऐसा फील होता है की उनकी वाइफ गलत है या वो करैक्टर लेस है तो वो पहले सबूत जुटाए फिर वो भी लीगल तरीके से कोर्ट में जा कर अपील करें.  कोर्ट उनकी भी सुनेगी न्याय उनको भी मिलेगा. लेकिन यूँ जाहिलो की तरह तलाक तलाक तलाक कहने से कुछ नहीं मिलेगा. क्योंकि किसी को घर से एस इस तरह निकलना न सिर्फ उनके अधिकारों का हनन है बल्कि उनके प्रतिष्ठा का भी हनन है. क्योंकि जब हम अपनी बहन के साथ इस तरह का व्यवाहर नहीं कर सकते तो वाइफ के साथ भी नहीं कर सकते है.

इसके अलावा एक सवाल और की जिस तरह से हमारे देश में दहेज़ प्रथा पर  बैन लगा दिया गया है लेकिन आज भी गाँव की बात तो छोडो शहरों में भी दहेज की लेने देंन होती रहती है. तो सवाल यहाँ भी है की क्या ट्रिपल तलाक पर कानून बनने के बाद भी तलाक बंद होंगे.

हम सब जानते है की ये प्रथा गलत है लेकिन जब तक हम इसे मन से स्वीकार नहीं कर लेते तब ये प्रथा हमेशा उनके लिए कायम रहेगी जिन लोगो के लिए जाती धर्म ही सबसे बड़ा है ना की मानव धर्म बड़ा है. 

By, Suraj Mourya 




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