जब रात में हम अपने मोबाइल में कैंडीकर्श खेलते है और उसमें बबल्स फूटने क़ि आवाज आती है न उस वक्त हमारे सैनिकों के कानों में डायनामाइटस फूटने क़ि आवाज़ आती है, बोम्बस फूटने कि आवाज़ आती है। इसके बावजूद ये हिफाजत करते है हमारे घर कि, आपको पता है ये हमारे बच्चों कि हिफाजत करने के लिए अपने बच्चों से दूर रहते है।
और जब हम सब न्यूएअर कि पार्टी में मसबुल थे न उस वक्त ये पठान कोर्ट में हमारे मुल्क में कोई आंच न आ जाये उसकी तैयारी कर रहे थे। ये सिर्फ इसीलिए लड़ रहे थे ताकी हमारा आने वाला नया साल बहुत बेहतर और हिफाजत से गुजरे।
देश के जवान सीमा पर दिन रात चौकसी करते हैं तो हम और आप चैन की नींद सोते हैं. जवान शहीद होते हैं तो देश उनकी शहादत पर आंसू बहाता है लेकिन इस बीच में जवानों पर क्या गुजरती है, इसकी खबर बहुत कम लोगों को होती है? आज हम एक ऐसे जवान का दर्द आपको बता रहे हैं जिसे अपने अधिकारियों से खतरा है। उसने अपने अधिकारियों पर एक बड़े घोटाले का आरोप लगाया है। सोशल मीडिया पर उसका दर्द काफी वायरल हो रहा है। अब तक दो लाख से अधिक लोगों ने इसे शेयर किया है।
देश का एक सपूत अपने ही अधिकारियों से अपनी जान को खतरा बता रहा है और डर की वजह रोटी का एक टुकड़ा है। बीएसएफ के अधिकारियों पर खाने में घोटाले का आरोप लगाते हुए तेज बहादुर यादव ने सबूत जुटाने के लिए स्टिंग ऑपरेशन भी किया है।
खास बात है कि अपने कैंप के खाने पीने में हो रहे कथित घोटाले के लिए तेज बहादुर केवल अपने अधिकारियों पर आरोप लगा रहा है, सरकार या सेना प्रशासन पर नहीं। रोटी के एक टुकड़े और दाल के नाम पर हल्दी पानी का ये मसला उस समय और गंभीर हो जाता है जब आपको पता चलेगा कि तेज बहादुर को कहां और किस हालत में अपनी ड्यूटी निभानी पड़ती है। तेज बहादूर कहते हैं कि देशवासियों मैं आपसे एक अनुरोध करना चाहता हूं। हम लोग सुबह 6 बजे से शाम 5 बजे तक, लगातार 11 घंटे इस बर्फ में खड़े होकर ड्यूटी करते हैं। कितना भी बर्फ हो, बारिश हो, तूफान हो, इन्हीं हालातों में हम ड्यूटी कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर अपने संदेश को डालते हुए तेज बहादुर ने अपील की है कि उसके दर्द को देश समझे।
यादव वीडियो में आगे कहते हैं, ‘हम किसी सरकार के खिलाफ आरोप नहीं लगाना चाहते. क्योंकि सरकार हर चीज, हर सामान हमको देती है. मगर उच्च अधिकारी सब बेचकर खा जाते हैं, हमारे को कुछ नहीं मिलता। कई बार तो जवानों को भूखे पेट सोना पड़ता है।
बीएसएफ की तरफ से कहा गया कि बीएसएफ अपने जवानों की जरूरतों को पूरा करने के लिए तत्पर रहता है। अगर किसी एक शख्स को कोई परेशानी हुई है तो इसकी जांच होगी। इस मामले की जांच के लिए एक उच्च अधिकारी मौके पर पहुंच चुका है।
बीएसएफ की जांच का इंतजार देश को रहेगा। साथ ही ये उम्मीद भी कि न्याय मांग रहे इस सैनिक की आवाज को अनुशासन के नाम पर दबाया नहीं जाएगा। वैसे भी अपने ही अधिकारियों से खुद को खतरा बताकर तेज बहादुर ने कई अनसुलझे सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस बीच वीडियो अपलोड करने वाले कांस्टेबल तेज बहादुर के बारे में बीएसएफ की ओर से प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई है। इसमें संगठन की ओर से बताया गया है कि शुरूआती दिनों में तेज बहादुर को नियमित काउंसलिंग की जरूरत पड़ी थी। वह अपने सीनियर ऑफिसर के साथ ही भी बल प्रयोग करता था। वह बिना बताए ड्यूटी पर अनुपस्थित भी रहता था। इसके साथ ही उसे शराब पीने की भी बुरी लत थी। उसका व्यवहार भी उचित नहीं था।
उसे ज्यादातर मुख्यालय पर ही ड्यूटी में रखा जाता था। लेकिन, 10 दिनों पहले ही उसे उक्त स्थान पर भेजा गया था। वहां कई अन्य जवान और अधिकारी भी तैनात थे लेकिन उनमें से किसी को भी दिक्कत नहीं हुई थी। उसे वहां भेजा गया था ताकि उसकी काउंसलिंग को लेकर उसके लाभ का आंकलन किया जा सके। बीएसएफ ने अपनी सरकारी विज्ञप्ति में कहा है कि डीआईजी स्तर के अधिकारी को मामले की जांच के लिए तैनाती की जगह पर भेज दिया गया है। जल्द ही मामले की पूरी जानकारी सामने आ जाएगी।
Suraj Mourya

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