एक बच्ची के लिए चलती है ट्रैन

एक बच्ची के लिए चलती है ट्रैन


आज सुबह से ही हर अख़बार और न्यूज़ चैनल की जान बनी हुई  है ये ख़राब। मैंने भी सोचा कि  और चैनेलो और अखबारों की तरह में भी कोशिश करू इस कहानी की हैडलाइन को बदलने की और कोई  नया हैडलाइन लिखू लेकिन नहीं लिख पाया वो कहते है न किसी चीज़  को न बदलो तो ही  अच्छा है, खैर मैंने भी नहीं बदला।  

जापान के होकाइदो  आइलैंड से जुडी ट्रैन और रेलवे स्टेशन का वाकया हैरतअंगेज है। अपने देश में आज भी कई जगहों पर स्कूल जाने के लिए पहाड़, जंगल और नदी पार करनी पड़ती है, लेकिन उत्तरी जापान के होकाइदो आइलैंड केकामीशिरताकी गावं के स्टेशन पर एक ट्रैन सिर्फ दो वक्त आती है वह भी सिर्फ एक सवारी को लेने और फिर छोड़ने।  यह स्वकारी एक बच्ची है, जो ट्रैन  से स्कूल आती-जाती है।  बहुत पहले कामीशिरताकी गावं के स्टेशन को इसलिए बंद करना पड़ा था, क्योकि वह ज्यादा सवारियां नहीं मिलती थी।  लेकिन सरकार ने इस स्टेशन को चालू रखने का फैसला किया , क्योकि अधिकारीयों ने देखा कि  बच्ची के स्कूल आने - जाने का कोई और जरिया नहीं था।  अब ट्रैन दो वक्त यंहा आती है।  बच्ची को लेने और छोड़ने, इस बच्ची के अलावा ट्रैन में न कोई चढ़ता है न कोई उतरता है।  यंहा तक कि ट्रैन का वक्त भी उसके स्कूल के हिसाब से तय कर दिया गया है। 

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