कुछ यूं लिखा था मैंने अपना फर्स्ट लव लेटर
दोस्तों ये कहानी है दो ऐसे पागलो
की... सॉरी.. मैं इन्हे पागल क्यू कह रहा हूँ, ये तो दो बेशर्मो की कहानी है जो आज के दौर में लव लेटर
लिखते है। आप भी सोच रहें होंगें की आखिर ऐसा क्या हुआ की सोशल मिडिआ के इस दौर
में एक लडका-लडकी चैट करने के बजाय लव लेटर लिखते है...
अपने पहले लव लेटर की
कुछ शुरुआती लाईनों से इस कहानी की शुरुआत करता हूं
मैं उमेश पंत की लिखी कहानी "वो फिर आएगी " का अनिकेत नहीं बनना चाहता। ... न ही मैं अन्नू सिंह चौधरी की लिखी कहानी "खामोश सा अफ़साना" का अकबर बनना चाहता हूँ। मैं तो बस पहला प्यार कहानी का शिव बनना चाहता हूँ।
जी हां शीव... 92.7 बिग एफएम पर आने वाले यादों के इडियट बॉक्स शो की कहानीयों के ये किरदार है।
मैं उमेश पंत की लिखी कहानी "वो फिर आएगी " का अनिकेत नहीं बनना चाहता। ... न ही मैं अन्नू सिंह चौधरी की लिखी कहानी "खामोश सा अफ़साना" का अकबर बनना चाहता हूँ। मैं तो बस पहला प्यार कहानी का शिव बनना चाहता हूँ।
जी हां शीव... 92.7 बिग एफएम पर आने वाले यादों के इडियट बॉक्स शो की कहानीयों के ये किरदार है।
दरअसल हुआ ये है की आकाश आज तक़रीबन दस दिनों से अपनी गर्लफ्रेंड
वानी से न ही मिल पाया है और न उससे बात कर पाया है। भैया आज के दौर में ससुरी अगर
मोबाईल खराब हो जाये तो पुरा दिन ही खराब हो जाता है। फिर तो अकाश का मोबाईल पिछले
दस दिनो से खराब था।
अभी बस कुछ ही दिन हुए दोनो को साथ आये...दोनो अपना ग्रेजुएशन पुरा कर रहे थे।
अभी बस कुछ ही दिन हुए दोनो को साथ आये...दोनो अपना ग्रेजुएशन पुरा कर रहे थे।
आकाश अपने लेटर में आगे लिखता है। ...... मुझे पता है आप मेरे साथ
रास्ते पर चलते वक़्त डरते हो .. लेकिन मुझे प्यार भी तो उतना ही करते हो। अब यही
देखलिजिये ये लेटर लिखने से पहले कितना कुछ मन में सोचा था लेकिन अब कुछ याद नहीं
आ रहा है एक दम ब्लॉक हो गया है माइंड.. ऐसा लग रहा है की UPSC का एग्जाम दे रहा हूँ। सच मे
दिमाग नहीं है मेरे पास एक दम बुद्धू हूँ और थोड़ा बेशरम भी।
यही तो होता है पहले प्यार का नशा , प्यार के शुरुवाती दिनों में
प्यार अक्सर उस नौ सिखिया पेड़ की तरह होता है जो धीरे- धीरे अपनी जड़ो को जमीन में
फैलाना सीखता है।
देखो वानी ये लेटर - सेटर मैंन्नू नहीं आता है और न नहीं मैंने कोई
कोर्स किया है लेटर लिखने का.. वो बस आज यूँही मन किया लिखने का। हाँ शायद आज बहुत
दिन हो गए है न हमे बात किये हुए। कितना अजीब इक्तेफ़ाक़ है न आज फेसबुक है
व्हाट्सऐप है और बहुत कुछ है लेकिन फिर भी हमारे बीच में इतनी दूरी है। खैर, लेटर लिखने से आज ये भी पता चल
गया की प्यार करने के साथ-साथ एक बॉयफ्रेंड को अच्छा शायर भी होना चाहिए।
दोस्तों ज़िंदगी में हर पहली चीज़ हमेशा याद रहती है पहला प्यार, पहली तनख्वाह और शायद पहला लव
लेटर भी।
वैसे मन तो बिलकुल भी नहीं है अकेले रहने का और रहे भी क्यू.. भाई हमारे पास हमारी माशूका जो है... जो मुझे कभी अकेले नहीं रहने देती है। अब जल्दी से मोबाइल बनवा लो.. अच्छा नहीं लग रहा है कुछ भी.. तुमसे बात करना है बस....
वैसे मन तो बिलकुल भी नहीं है अकेले रहने का और रहे भी क्यू.. भाई हमारे पास हमारी माशूका जो है... जो मुझे कभी अकेले नहीं रहने देती है। अब जल्दी से मोबाइल बनवा लो.. अच्छा नहीं लग रहा है कुछ भी.. तुमसे बात करना है बस....
अंत मे... याद शहर की एक कहानी के कुछ पंक्तीयां...
बिना दस्तक बिना आहाट तेरी दहलीज आएगा ये पहला प्यार है ये धीरे से जब खटखटाएगा तो इसको आने देना तुम कदम गोसी भी करना तुम ये पागल सा मुसाफिर है न जाने कब आएगा
......सूरज मौर्या
बिना दस्तक बिना आहाट तेरी दहलीज आएगा ये पहला प्यार है ये धीरे से जब खटखटाएगा तो इसको आने देना तुम कदम गोसी भी करना तुम ये पागल सा मुसाफिर है न जाने कब आएगा
......सूरज मौर्या

Best
ReplyDeleteAwsm
ReplyDeleteKadak bhai ek no.
ReplyDeleteअच्छा लिखा है !!
ReplyDeleteशुक्रिया सुजीत जी
ReplyDeleteवाह!!
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