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कुछ तो शर्म करो ........ जरा सोचिये
कुछ तो शर्म करो ........ जरा सोचिये
सच कहते है लोग मुंबई कभी नहीं रूकती है ।
मुंबई न ही 7/11 में हुए सीरियल ट्रैन बलास्ट में रुकी थी और न ही 26 /11 के आंतकी हमले में रुकी थी। लेकिन एक बार और मुंबई नहीं रुकी। ..... आप सभी
जानते है कल हुए लोकल ट्रैन के हादसे को जिसमे
एक २२ वर्षीय युवक की मौत हो गयी। शायद वो बच जाता अगर कोई यात्री वीडियो निकालने के बजाये
ट्रैन की चैन को खीच लेता और उसकी मदद कर देता।
लेकिन जैसे की हम सभी जानते है मुंबई किसी के लिए नहीं रूकती और एक बार फिर
मुंबई नहीं रुकी। सरकारी आंकड़े के अनुसार ट्रैन
एक्सीडेंट में हर रोज तक़रीबन 10 लोगो की मौत
होती है। लेकिन फिर भी एक बात सोचने वाली है आज भारत की 121 करोड़ की आबादी में लगभग
65 % प्रतिशत लोग युवा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में लाखो
बार भारत के युवा वर्ग के बारे में कहा है। ये भी कहा है की भारत को विकसित देश बनाने
में युवा वर्ग काफी कारगर साबित होगा। परन्तु आज जिस तरह से भारत में सबसे महत्वपूर्ण
माने जानेवाली युवा वर्ग का ये हालत है तो इससे साफ़ जाहिर होता है की हमारी सरकार सिर्फ
कहने के लिए सपने दिखाती है। मुंबई में रोजाना लोकल ट्रेनों से लगभग 65 लाख लोग सफर
करते है ,
बावजूद इसके सरकार ने रेल सेवा में कोई खासा सुधार नहीं किया है। बढ़ती जनसँख्या को देखकर लोगो की मांग है कि
15 डिब्बो की ट्रेने चलायी जाये लेकिन रेलवे प्रशासन अब तक इसपर कोई खास ध्यान नहीं दिया हैं। यही वजह है आये दिन कोई न कोई रेल दुर्घटना का शिकार हो जाता हैं। मैं ये ये बातें आपको इसलिए बता रहा हूँ की भावेश
नाकाटे कि ही तरह हजारो - लाखो युवा रोजाना लोकल ट्रैन से सफर करते है ..... क्या पता
हमसे ही कोई अगला भावेश हो जो इस तरह के दुर्घटना का शिकार बने। इसलिए अपनी आवाज़ को बुलंद करो और वीडियो निकालने
की बजाये गेट पर लटक रहे यात्रियों को अंदर आने में मदद करे।......सूरज मौर्या
Nice
ReplyDeleteNice
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